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ईरान युद्ध लाइव अपडेट्स: कतर में युद्ध समाप्ति वार्ता फिर शुरू, अमेरिका ने ईरान की खाड़ी तट पर हमले किए

दोहा, सोमवार: ईरानी अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को कतर की राजधानी दोहा पहुंचा जहाँ वे युद्ध समाप्ति को लेकर वार्ता में शामिल हुए। यह वार्ता ऐसे समय हुई जब अमेरिकी सेना ने कुछ घंटे पहले ही ईरान की खाड़ी तट पर ‘‘आत्मरक्षा’’ के तहत सैन्य हमले करने की घोषणा की। इसके पीछे प्रमुख उद्देश्य अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया गया है।

वार्ता के इस दौर में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय तंत्र ने बड़ी उम्मीदें जगी हैं कि संघर्ष विराम को लेकर कुछ ठोस समाधान निकल सकेगा। अमेरिकी हमलों ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है, लेकिन कूटनीतिक पहल अभी भी जारी हैं।

इस बीच, इज़रायल के प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार लेबनान में स्थित हिज़बुल्लाह समूह के खिलाफ हमलावर रणनीति को तेज करेगी। हिज़बुल्लाह, जो ईरान का करीबी सहयोगी माना जाता है, इस पूरे क्षेत्रीय संघर्ष का एक अहम घटक है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह वार्ता केवल एक शुरुआत है, लेकिन इसके सकारात्मक परिणामों से पूरे मध्य पूर्व में शांति की संभावनाएँ बढ़ सकती हैं। ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता के दौरान कहा कि वे इस मुद्दे को स्थायी समाधान के रूप में देख रहे हैं और दोनों पक्षों के बीच उचित समन्वय जरूरी है।

अमेरिकी सेना के हमलों के बाद, क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, लेकिन साथ ही साथ भारत, रूस और चीन जैसे देश भी शांति वार्ता की पहल का समर्थन कर रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि वार्ता में शामिल देशों के बीच पारस्परिक समझ विकसित होना इस संघर्ष को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

दो दिन पहले ही ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि वे कतर वार्ता में एक दूसरे के प्रति सम्मान और न्याय संगत समाधान की तलाश करेंगे। इस बयान से उम्मीद जगी कि इस बार की वार्ता पूर्व की बातों से भिन्न और अधिक फलदायी होगी।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भी ध्यान इस वार्ता पर केंद्रित है, क्योंकि इस संघर्ष के कारण गैस और तेल के बाजारों में व्यवधान के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक प्रभाव भी दिख रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी दोनों पक्षों से जल्द से जल्द युद्धविराम की अपील की है।

इस संवेदनशील मोड़ पर, सभी की नज़रें दोहा में चल रही कूटनीति पर टिकी हैं ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित की जा सके और मानवता को इस विनाशकारी युद्ध से निजात मिल सके।

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