सेहत

दक्षिणी राज्यों में मधुमेह की बढ़ती दर: NFHS ने जताई चिंता

नई दिल्ली। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) की ताजा रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि आंध्र प्रदेश, केरल और तमिल नाडु जैसे दक्षिणी राज्य अधिक वजन और मोटापे से पीड़ित वयस्कों के मामले में देश में सबसे आगे हैं। इस सर्वेक्षण के अनुसार, इन राज्यों में मधुमेह और अन्य मोटापे से जुड़ी बीमारियों की स्थिति काफी गंभीर है जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है।

NFHS-6 के आंकड़े बताते हैं कि दक्षिण भारत के ये राज्य जीवनशैली में बदलाव, अस्वास्थ्यकर खान-पान और शारीरिक गतिविधि की कमी जैसे कारणों से मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक वजन और मोटापा मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा हृदय संबंधी रोगों का बड़ा कारण बन रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आंध्र प्रदेश, केरल और तमिल नाडु में तेजी से शहरीकरण और आर्थिक विकास के कारण लोग अधिक तैलीय, मीठा और जंक फूड का सेवन कर रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही, बैठने वाली जीवनशैली ने भी इस समस्या को बढ़ावा दिया है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि इन राज्यों में समाज के विभिन्न वर्गों में जागरूकता और सक्रियता कर मोटापे तथा मधुमेह जैसी बीमारियों पर रोक लगाने के लिए व्यापक कदम उठाने की आवश्यकता है। साथ ही पोषण संबंधी शिक्षा, व्यायाम को बढ़ावा देना और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाना जरूरी है।

गौरतलब है कि NFHS-6 भारत सरकार द्वारा कराए गए सर्वेक्षण का नवीनतम संस्करण है, जिसमें परिवारों के स्वास्थ्य, पोषण, परिवार नियोजन, और रोगों के आंकड़े इकट्ठा किए जाते हैं। यह सर्वेक्षण नीति निर्धारकों और शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है ताकि वे देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार के लिए रणनीतियाँ बना सकें।

इन आंकड़ों को देखते हुए दक्षिणी राज्यों को विशेष रूप से प्राथमिकता देना आवश्यक है क्योंकि यदि समय रहते मोटापे एवं मधुमेह जैसी समस्याओं का समाधान नहीं निकाला गया तो इन प्रदेशों में स्वास्थ्य संकट और बढ़ सकता है। राज्य सरकारों तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को मिलकर इस दिशा में कारगर कदम उठाने होंगे जिससे नागरिकों को स्वस्थ जीवन प्रदान किया जा सके।

सारांश में कहें तो, NFHS-6 की रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया है कि आंध्र प्रदेश, केरल और तमिल नाडु में अधिक वजन और मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिसके चलते मधुमेह प्रकरणों में भी वृद्धि हुई है। समय रहते सही नीतियों के माध्यम से इस समस्या से निपटना ही इसका स्थायी और प्रभावी समाधान होगा।

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