The Hindu Huddle पैनल करेगा AI और इसके प्रभाव पर रोशनी

नई दिल्ली: तकनीकी विकास की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभाव एक बड़ा विषय बन चुका है। इस संदर्भ में, हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया कोषागार के सचिव एस. कृष्णन, मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंथा नागेश्वरन, तथा पूर्व सीईओ, कॉग्निजेंट लक्ष्मी नारायणन ने भारत की रोजगार सुरक्षा के लिए आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की।
विदित हो कि भारत में रोजगार निर्माण एक जटिल मुद्दा है, और नई तकनीकें साथ ही AI जैसे उपकरण रोजगार के स्वरूप को बदलने की संभावनाएं लेकर आ रहे हैं। इस पैनल ने यह बात स्पष्ट की कि केवल नई तकनीकों को अपनाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि हमारा मानव संसाधन और नीति निर्धारण इन परिवर्तनों से पूरी तरह तालमेल बिठा पाए।
एस. कृष्णन ने कहा कि टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से काम के स्वरूप में काफी बदलाव आएगा, लेकिन भारत युवा जनसँख्या वाले देश के रूप में एक बड़ा अवसर भी है। उन्होंने सुझाव दिया कि हमे शिक्षा तथा कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत करना होगा ताकि युवा वर्ग तकनीक के इस नए युग में बेहतर पंजीकरण और रोजगार पा सके।
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंथा नागेश्वरन ने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक रूप से स्थिर वातावरण और पुनः कौशल विकास योजनाओं को प्राथमिकता देकर ही हम AI के बढ़ते प्रभाव के बीच रोजगार पैटर्न में संतुलन बना सकते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार को उद्योगों के साथ साझेदारी बढ़ाकर रोजगार सेक्टर को सशक्त करना होगा।
पूर्व CEO लक्ष्मी नारायणन ने कहा कि कॉरपोरेट जगत में भी बदलाव की आवश्यकता है। कंपनियों को अपने मानव संसाधन रणनीतियों को तकनीकी बदलाव के अनुरूप ढालना होगा ताकि वे भविष्य की मांगों को पूरा कर सकें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि उद्यमिता और नवाचार को प्रोत्साहित करने की नीतियों पर भी ध्यान देना होगा।
समाप्त करते हुए, पैनल ने यह सन्देश दिया कि AI से उत्पन्न चुनौतियां जितनी प्रबल हैं, उतनी ही अवसरों से भरी भी हैं। भारत को इस क्रांतिकारी बदलाव के लिए समेकित रणनीतियों, नीतिगत सुधारों और सशक्त मानव संसाधन विकास के माध्यम से तैयार रहना होगा। देश की युवा शक्ति की भूमिका इस बदलाव में निर्णायक साबित होगी।
इस चर्चा ने स्पष्ट किया कि भारत अपने रोजगार क्षेत्र को AI के प्रभाव से जुड़ी अपेक्षित चुनौतियों का सामना करने के लिए व्यापक और समावेशी दृष्टिकोण अपनाएगा, जिससे आर्थिक विकास और सामाजिक समृद्धि को नई दिशा मिलेगी।



