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डब्ल्यूएचओ ने बताया, संदिग्ध इबोला मामलों की संख्या घटकर 116 हुई, सैकड़ों मामलों को खारिज किया गया

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में बंडीबुग्यो इबोला वायरस के संदिग्ध मामलों की जांच जारी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 29 मई को घोषणा की कि कुल 906 संदिग्ध मामलों में से 223 संदिग्ध मौतों की जांच की जा रही है। हालांकि, जांच के बाद सैकड़ों संदिग्ध मामलों को खारिज कर दिया गया है, जिससे कुल संदिग्ध केस अब घटकर 116 रह गए हैं।

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, बंडीबुग्यो इबोला वायरस संक्रमण के मामले अब धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने से बचने का आग्रह किया है। इसके साथ ही संक्रमित क्षेत्रों में व्यापक जांच और उपचार अभियान चलाया जा रहा है।

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी स्थानीय अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को सशक्त बनाने में तेजी दिखाई है ताकि कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच इबोला के प्रसार को रोका जा सके। स्वास्थ्य कर्मी संक्रमण की पहचान और उसके उपचार के लिए लगातार प्रशिक्षण और उपकरण प्राप्त कर रहे हैं।

डब्ल्यूएचओ के बुलेटिन में उल्लेखित है कि इस घातक वायरस के फैलाव को रोकने के लिए निगरानी, सरलीकृत परीक्षण, संक्रमण नियंत्रण और लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर खास जोर दिया जा रहा है। प्रभावित समुदायों को संक्रमण के शुरुआती लक्षणों को पहचानने और समय पर चिकित्सा सहायता लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

इस संक्रमण से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहायता जारी है। कई देशों ने आवश्यक चिकित्सा सामग्री, विशेषज्ञों और वित्तीय मदद के रूप में योगदान दिया है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य एजेंसियां इस चुनौती से निपटने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं ताकि महामारी को फैलने से रोका जा सके।

विश्लेषकों के अनुसार, शुरुआती तेजी से की गई जांच और सहायताओं के कारण ही इतनी बड़ी संख्या में संदिग्ध इबोला मामलों को खारिज किया जा सका है। इसके बावजूद, सावधानी और सतर्कता आवश्यक बनी हुई है ताकि संक्रमण के पुनरावर्तन को रोका जा सके।

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