यह केवल गीत नहीं हैं, मंजनाथी में इल्लैयाराज भी अहम हैं, मारी सेल्वराज ने कहा

मंजनाथी फिल्म के निर्देशक मारी सेल्वराज ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि इस फिल्म के लिए संगीतकार इल्लैयाराज का चयन उनके लिए एक स्वाभाविक निर्णय था। उन्होंने बताया, “जब भी मंजनाथी नाम मेरे दिमाग में आता था, तो मैं इसे एक फिल्म में ढालने के बारे में सोचता रहता था। तब मैंने पहले ही तय कर लिया था कि इस फिल्म का संगीत मास्टर इल्लैयाराज ही बनाएंगे।”
मारी सेल्वराज ने आगे बताया कि जब वे इल्लैयाराज से मिले और फिल्म की कहानी सुनाई, तो उन्होंने खुशी-खुशी इस प्रोजेक्ट को अपनाया। उन्होंने कहा, “इल्लैयाराज सर ने कहानी सुनने के बाद तुरंत मेरी बात मान ली और फिल्म के लिए संगीत तैयार करने को राजी हो गए। यह मेरे लिए एक सपने के सच होने जैसा था।”
इल्लैयाराज, जो भारतीय सिनेमा के विख्यात संगीतकार हैं, ने तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी सहित कई भाषाओं में अनगिनत यादगार गीत दिए हैं। उनका संगीत मंजनाथी की कहानी के साथ भावनात्मक गहराई जोड़ता है और दर्शकों को एक अलग ही अनुभव प्रदान करता है।
मारी सेल्वराज की यह फिल्म सामाजिक मुद्दों और मानवीय संवेदनाओं को गहराई से दर्शाती है। उनके निर्देशन में मंजनाथी का संगीत भी उसी प्रकार फिल्म के भावार्थ को मजबूत करता है। निर्देशक के अनुसार, “गीत केवल मनोरंजन नहीं होते, वे कहानी के दिल की धड़कन होते हैं। इल्लैयाराज जी की धुनें इस कहानी के हर पहलू को जीवन प्रदान करती हैं।”
फिल्म की टीम ने यह भी बताया कि संगीत निर्माण में इल्लैयाराज ने अपनी विशिष्टता दिखाई है और उन्होंने इस प्रोजेक्ट में अपनी पूर्ण लगन से काम किया है। मारी सेल्वराज ने कहा कि यह फिल्म उनके लिए काफी विशेष है क्योंकि यह न केवल उनकी कहानी है, बल्कि एक ऐसे कलाकार के साथ जुड़ाव भी दर्शाती है जो संगीत की दुनिया में एक किंवदंती हैं।
मंजनाथी के संगीत की रिलीज़ होने वाली है और फैंस में इसे लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है। सभी यह उम्मीद कर रहे हैं कि इल्लैयाराज के संगीत के साथ इस फिल्म की कहानी और भी जिंदादिल हो उठेगी।



