सेहत

केरल के वायनाड में शिगेलोसिस के मामलों की संख्या बढ़कर 16 हुई; स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी कड़ी की

वायनाड, केरल: केरल के वायनाड जिले में शिगेलोसिस के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। वर्तमान में इस संक्रमण से पीड़ित बच्चों की संख्या 16 हो गई है। जिला मेडिकल ऑफिसर के.टी. रेखा ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि इसके मद्देनजर पूरे जिले में निगरानी और रोकथाम के उपायों को बढ़ा दिया गया है।

डॉ. रेखा ने बताया कि जिले में इस बीमारी का फैलाव रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष सतर्कता बरती है। उन्होंने कहा कि शिगेलोसिस के सभी 16 बच्चे जिनका अब तक पता चला है, उनकी सेहत स्थिर बनी हुई है और वे उचित चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर रहे हैं।

शिगेलोसिस एक बैक्टीरियल संक्रमण है जो मुख्य रूप से दूषित पानी या भोजन के सेवन से बढ़ता है और बच्चों में दस्त, बुखार और पेट दर्द जैसे लक्षण उत्पन्न करता है। वायनाड के विभिन्न क्षेत्रों में पानी के स्रोतों की जांच और स्वच्छता अभियान तेज कर दिए गए हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, अपने पीने के पानी को उबालकर ही इस्तेमाल करें और बच्चों को बाहरी भोजन के सेवन में सतर्कता बरतने को कहें। इसके अलावा, संक्रमित संदिग्ध लोगों की तुरंत पहचान करने और उपचार शुरू करने पर जोर दिया गया है।

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर नियमित फील्ड विजिट कर निगरानी बढ़ा रहे हैं। उन्होंने स्थानीय पंचायतों और स्कूलों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को इस बीमारी के लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में सूचित किया है।

यह स्थिति वायनाड में स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता और सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों को बनाए रखने में एक चुनौती के रूप में उभरी है। जिला स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि जल्द से जल्द स्थिति नियंत्रण में लाई जा सके और संक्रमण का प्रसार रुका रहे।

अधिक जानकारी के लिए नागरिक स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट और स्थानीय हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क कर सकते हैं।

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