अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: शास्त्रीय नृत्य में फिटनेस क्यों है महत्वपूर्ण

नई दिल्ली, 21 जून: शास्त्रीय नृत्य की दुनिया में शारीरिक दक्षता और फिटनेस एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तीन युवा नर्तकों ने हाल ही में इस पहलू पर गहराई से विचार व्यक्त किया है कि कैसे उनकी कला का भौतिक आधार उनके प्रदर्शन की भावनात्मक अभिव्यक्ति को आकार देता है।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में, इन युवा कलाकारों ने बताया कि शारीरिक फिटनेस न केवल उनके व्यायाम का हिस्सा है, बल्कि यह उनकी अभिव्यक्ति की आत्मा भी है। नृत्य की विभिन्न विधाओं में सही शारीरिक संतुलन, लचीलापन और ताकत, प्रदर्शन के दौरान भावनाओं को प्रभावी ढंग से दर्शाने के लिए आवश्यक हैं।
नृत्यांगना साक्षी मिश्रा ने कहा, “शारीरिक फिटनेस हमारे लिए नृत्य का मूल आधार है। योग और नियमित अभ्यास के माध्यम से हम अपने शरीर को मजबूत और लचीला बनाते हैं, जिससे भावनाओं को सही रूप में प्रस्तुत करना आसान होता है।” उन्होने यह भी जोड़ा कि फिटनेस के बिना, कलाकार भावना को यथार्थता से प्रदर्शित नहीं कर पाता।
दूसरी ओर, कथक नर्तक रोहित वर्मा ने बताया कि शारीरिक तत्वों के साथ-साथ मानसिक स्थिरता भी प्रदर्शन में अहम है। “योग ने मेरी सांसों को नियंत्रित करने और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में मदद की है, जो मेरी अभिव्यक्ति को और प्रभावी बनाता है,” रोहित ने साझा किया।
त्याग और समर्पण के साथ कड़ी मेहनत करने वाले तीसरे कलाकार, भरतनाट्यम नृत्यांगना अनुभा रेड्डी ने कहा, “नृत्य केवल शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि मन और आत्मा की अभिव्यक्ति है। योग और शारीरिक फिटनेस हमें इस कला के हर भाव का सशक्त रूप में प्रदर्शन करने में सहायता करते हैं।”
विशेषज्ञों का मानना है कि योग दिवस के अवसर पर ऐसी चर्चाओं से युवा कलाकारों में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, जिससे शास्त्रीय नृत्य भारतीय संस्कृति और कला को और ऊँचाइयों तक ले जाने में समर्थ होगा। योग और नृत्य का सामंजस्य न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है, बल्कि कलाकार के भावों को भी निखारता है, जो दर्शकों के दिलों को छू जाता है।
संक्षेप में, तीनों युवा नर्तकों का अनुभव दर्शाता है कि शारीरिक फिटनेस नृत्य की आत्मा है, जो कला के भावात्मक और तकनीकी पहलुओं को जोड़ती है। इस विराट सांस्कृतिक परंपरा में योग और फिटनेस की भूमिका को समझना शास्त्रीय नृत्य को और अधिक जीवंत और प्रभावशाली बनाता है।



