तमिलनाडु सरकार परंदुर के बजाय नए हवाई अड्डे के स्थल की तलाश करेगी

चेन्नई, 27 अप्रैल 2024: तमिलनाडु के ऊर्जा संसाधन और विधि मंत्री आर. निर्मलकुमार ने हाल ही में कहा है कि टॉम टी. के. (TVK) विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन चेन्नई के लिए हवाई अड्डा बनाने के लिए जल निकायों और उपजाऊ कृषि भूमि को नष्ट करना सही नहीं होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विकास के नाम पर जल संसाधनों और खेती की जमीन को नुकसान पहुंचाना उचित है।
निर्मलकुमार ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण और कृषि भूमि की रक्षा तमिलनाडु सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए नए विकल्प खोजे जा सकते हैं, जो पारिस्थितिकी और स्थानीय समुदायों के हित में हों। इस संदर्भ में, उन्होंने सरकार से मांग की है कि परंदुर में हवाई अड्डा बनाने की योजना पर पुनर्विचार किया जाए और इस काम के लिए पर्यावरणीय दृष्टिकोण से बेहतर स्थान तलाशा जाए।
मंत्री के इस बयान के बाद, सरकार ने भी संकेत दिया है कि वे परंदुर में एयरपोर्ट निर्माण परियोजना को लेकर विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। ज्ञात हो कि परंदुर परियोजना को लेकर स्थानीय निवासियों समेत कई पर्यावरण संरक्षण संगठनों ने चिंता व्यक्त की है। उनका तर्क है कि यह परियोजना आसपास के जल स्रोतों और कृषि भूमि की हानि करेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
वहीं, अधिकारियों ने बताया कि नए हवाई अड्डे के लिए स्थल चुनने में न केवल आर्थिक कारक, बल्कि पर्यावरणीय और सामाजिक कारकों पर भी ध्यान दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि सतत विकास सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की जमीन की अनावश्यक क्षति से बचा जाए।
तमिलनाडु में तात्कालिक विकास आवश्यकताओं के बीच पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी को लेकर यह बहस पहले भी चलती रही है। निर्मलकुमार का आग्रह इस दिशा में एक संतुलित दृष्टिकोण की ओर इशारा करता है, जहां विकास के साथ प्रकृति और कृषि की भी सुरक्षा की जाए।
यह स्थिति तमिलनाडु सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकती है, जहां वे विकास की योजनाओं को सामाजिक और पर्यावरणीय हितों के अनुरूप बनाने के लिए नई रणनीतियों और विकल्पों का अध्ययन कर सकती है।
अधिकारियों एवं विशेषज्ञों की राय में, अगर सही जगह का चयन किया जाता है, तो चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों के लिए नए हवाई अड्डे का निर्माण आर्थिक विकास और यातायात सुविधा को बेहतर बना सकता है, बशर्ते इसे पर्यावरण के अनुकूल तरीके से विकसित किया जाए।



