राजनीति

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में वोट देने के बाद लौटे विदेशी नागरिकों की जांच शुरू

नई दिल्ली: तमिलनाडु में हाल ही संपन्न विधानसभा चुनावों के दौरान विदेशी नागरिकों द्वारा वोटिंग करने की संभावित घटनाओं की जांच के लिए केंद्रीय एवं राज्य के कानून प्रवर्तन एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग के सहयोग से विशेष जांच शुरू की गई है, जिससे इस संवेदनशील मामले की पड़ताल हो सके।

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां उन विदेशी नागरिकों की पहचान करना चाहती हैं, जो चुनाव से पहले तमिलनाडु पहुंचकर मतदान प्रक्रिया में शामिल हुए और मतदान के ठीक बाद दो से तीन दिन के भीतर ही राज्य छोड़ गए। इस संदर्भ में आव्रजन ब्यूरो की मदद ली जा रही है जो विदेशी यात्रियों के आने और जाने के रिकॉर्ड रखता है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। किसी भी विदेशी नागरिक का मतदान करना संविधान के विरुद्ध होगा, इसलिए तथ्यात्मक जानकारी जुटाकर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के दौरान कई स्थानों से ऐसे संकेत मिले थे जहां कुछ विदेशी नागरिकों की उपस्थिति संदिग्ध मानी जा रही थी। इस पर निर्वाचन आयोग ने जांच के आदेश दिए और डेटा संग्रह शुरू किया गया। जांच टीमों को उम्मीद है कि आव्रजन विभाग से प्राप्त सूचनाएं महत्वपूर्ण सबूत प्रदान करेंगी।

चुनाव आयोग ने पहले भी विदेशी नागरिकों के द्वारा मतदान की किसी भी संभावना को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। सभी राज्यों को निर्दिष्ट किया गया है कि वे विदेशी यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखें और मतदाता सूची की समीक्षा करें। विशेषत: उन व्यक्तियों को चिन्हित करने की कोशिश की जा रही है जो लगातार राज्य में नहीं रहते हैं और केवल चुनाव के दौरान ही उपस्थित होते हैं।

हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक आरोप या संदिग्ध व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। जांच पूरी होने पर उसके निष्कर्षों को सार्वजनिक किया जाएगा और यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो उसके अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

समाज में चुनाव संबंधी निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के मद्देनजर, इस जांच की सफलता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उम्मीद है कि जांच एजेंसियां जल्द से जल्द सटीक आंकड़े व सबूत लेकर सामने आएंगी, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अवमानना न हो और सुनिश्चित किया जा सके कि केवल भारतीय नागरिक ही मताधिकार का प्रयोग करें।

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