सेहत

एफएसएसएआई ने आठ खाद्य कंपनियों को ‘हेल्दी’ दावे भ्रामक होने पर नोटिस जारी किया

नई दिल्ली: भारत के खाद्य सुरक्षा नियामक, खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने आठ प्रमुख खाद्य कंपनियों को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए भ्रामक ब्रांड नामों और स्वास्थ्य संबंधी दावों के संदर्भ में दिया गया है। एफएसएसएआई ने विशेष रूप से उन टर्म्स जैसे ‘healthy’ (स्वस्थ), ‘true vitamin’ और ‘vegan’ लेबलों को लेकर चिंता जताई है, जो उपभोक्ताओं में गलतफहमी उत्पन्न कर सकते हैं।

एफएसएसएआई के अनुसार, ये शब्द उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकते हैं और खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धाराओं का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने कहा कि पैकेजिंग और लेबल पर ऐसे दावे स्पष्ट और परीक्षण योग्य होने चाहिए, नहीं तो वे उपभोक्ताओं को भ्रमित करने के लिए उपयोग किए जा सकते हैं।

खाद्य उत्पादों पर ‘हेल्दी’ या ‘विटामिन’ जैसा लेबल लगाना तभी उचित होगा जब उसके पीछे पूर्ण वैज्ञानिक और प्रमाणिक सूचना हो। ‘विगन’ जैसे दावे भी उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण होते हैं और उनका गलत उपयोग नैतिकता और उपभोक्ता अधिकारों के खिलाफ माना जाता है।

सूचना में यह भी कहा गया है कि एफएसएसएआई ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच करेगा और यदि पाया गया कि कंपनियां नियमों का उल्लंघन कर रही हैं तो कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। यह कदम न सिर्फ उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए है, बल्कि खाद्य उद्योग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग और लेबलिंग में स्पष्टता जरूरी है क्योंकि उपभोक्ता अक्सर उनके आधार पर निर्णय लेते हैं। गलत स्वास्थ्य संबंधी दावे उपभोक्ताओं के लिए जोखिम भी पैदा कर सकते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो विशेष आहार या जीवनशैली को अपनाते हैं।

एफएसएसएआई ने कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने उत्पादों पर दावा सत्यापन कराएं और आवश्यक संशोधन करें। साथ ही, उपभोक्ताओं से भी आग्रह किया गया है कि वे पैकेजिंग पर लिखी गई जानकारी को सावधानीपूर्वक पढ़ें और विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें।

इस निर्णय से भारतीय खाद्य उद्योग में गुणवत्ता नियंत्रण और उपभोक्ता जागरूकता को और मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है। इसका उद्देश्य एक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद खाद्य बाजार का निर्माण करना है, जहां उपभोक्ता बिना भ्रम के स्वस्थ विकल्प चुन सकें।

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