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नोएडा एयरपोर्ट ने सुरक्षा मंजूरी न मिलने पर स्विस प्रमुख की जगह अंतरिम सीईओ नियुक्त किया

नोएडा, 27 अप्रैल 2024: नोएडा के नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना में शीर्ष प्रबंधन बदलाव किया गया है। स्विस नागरिक के रूप में नियुक्त किए गए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को सुरक्षा मंजूरी न मिलने के कारण उनके स्थान पर एक अंतरिम सीईओ की नियुक्ति की गई है। भारतीय सुरक्षा नियमों के तहत नए एयरपोर्ट के सीईओ को सुरक्षा समन्वयक की भूमिका भी निभानी होती है, जिसके लिए भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि भारत सरकार ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट निर्माण के लिए कुछ कड़े नियम निर्धारित किए हैं। इनमें यह प्रमुख है कि एयरपोर्ट के सीईओ को न केवल कंपनी का नेतृत्व करना होता है, बल्कि वह सुरक्षा समन्वयक के रूप में भी कार्य करता है। यह पद भारतीय नागरिक को ही दिया जा सकता है क्योंकि यह संवेदनशील सुरक्षा मामलों से जुड़ा होता है। इस नियम का उल्लंघन करने पर स्विस नागरिक को आवश्यक सुरक्षा मंजूरी नहीं दी गई और उन्हें पद छोड़ना पड़ा।

आधिकारिक बयान में कहा गया है, “हमारे देश के सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक है। इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि एयरपोर्ट के सीईओ पद पर वे ही आसीन होंगे जो भारतीय सुरक्षा नियमों के अनुसार पात्र हों।” इस बदलाव से परियोजना में किसी भी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए तुरंत एक अनुभवी भारतीय नागरिक को अंतरिम सीईओ बनाया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बढ़ती सुरक्षा आवश्यकताओं के मद्देनजर ऐसे नियम जरूरी हो गए हैं, ताकि विदेशी नागरिकों द्वारा संवेदनशील संस्थानों के संचालन में किसी भी तरह की समस्या न आए। वहीं, नोएडा एयरपोर्ट परियोजना को भी देश के एक महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है, जो क्षेत्र की आर्थिक प्रगति में सहायक होगा।

स्थानीय प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह निर्णय सुरक्षा की दृष्टि से उचित है। एयरपोर्ट की सफल संचालन और देश की सुरक्षा हित में सभी कदम उठाए जा रहे हैं। हम आश्वस्त हैं कि अंतरिम सीईओ के नेतृत्व में परियोजना समय पर पूरी होगी।”

उद्योग विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि देश में कई ऐसे संवेदनशील क्षेत्र हैं जहां नेतृत्व की नियुक्ति स्थानीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप की जाती है ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जा सके। नोएडा एयरपोर्ट के मामले में भी यही नीति लागू की गई है।

अंत में कहा जा सकता है कि सुरक्षा अनुमति न मिलने पर स्विस सीईओ की जगह भारतीय नागरिक को नियुक्त करना नियमों के अनुरूप एक सही कदम है। इससे एयरपोर्ट के सुचारू संचालन के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में इस परियोजना से जुड़ी अन्य जानकारी और अपडेट प्राप्त करने के लिए हम लगातार रिपोर्ट करते रहेंगे।

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