सेहत

धूम मचाते हुए: बेंगलुरु के श्रीकांत विश्वनाथन ने स्ट्रेट ऑफ़ जिब्राल्टर में टीम का नेतृत्व किया

बेंगलुरु: लंबे दूरी और खुले पानी की तैराकी के क्षेत्र में नाम कमाने वाले श्रीकांत विश्वनाथन ने हाल ही में स्ट्रेट ऑफ़ जिब्राल्टर तैराकी दौड़ में अपनी टीम का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। इस चुनौतीपूर्ण दौड़ में हिस्सा लेने वाली टीम के प्रशिक्षण से लेकर कठिनाइयों का सामना करने तक श्रीकांत ने अपने अनुभव साझा किए।

श्रीकांत विश्वनाथन, जिन्हें अपने धैर्य और निरंतर अभ्यास के लिए जाना जाता है, ने इस टीम को तैयार करने में महीनों की मेहनत की। उन्होंने बताया कि खुले पानी की तैराकी समुद्र की अनिश्चितताओं से भरपूर होती है और इसके लिए शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक मजबूती की आवश्यकता होती है।

उन्होंने कहा, “ट्रेनिंग की शुरुआत में ही हमें यह समझना था कि स्ट्रेट ऑफ़ जिब्राल्टर जैसे खतरनाक जलमार्ग में तेज़ हवाओं, बदलते तूफानी मौसम और असमंजस पानी की गति जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।” उनकी टीम ने नियमित अभ्यास सत्रों के अलावा पानी के विभिन्न तापमान और धाराओं में तैराकी करके खुद को तैयार किया।

इस स्पर्धा की सबसे बड़ी चुनौती समुद्र के बदलते वातावरण की वजह से पैसिफिक और अटलांटिक महासागर के मिलन स्थल पर स्थित स्ट्रेट की मजबूत धाराएँ थीं। श्रीकांत ने बताया कि इस चुनौती से निपटने के लिए वे स्टैमिना और स्ट्रेटेजी पर विशेष ध्यान देते हैं। सुरक्षा के लिहाज से, ग्रुप तैराकी के दौरान जीवन रक्षक दल और कई नावों की व्यवस्था भी की गई थी।

श्रीकांत ने खुलासा किया कि खुले पानी की तैराकी उनके लिए केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि मानसिक शांति का स्रोत भी है। उन्होंने कहा, “समुद्र के बीचोंबीच तैरते हुए एक अलग ही अनुभव होता है जहां इंसान खुद को प्रकृति के करीब महसूस करता है। इस खेल में सामूहिकता और व्यक्तिगत दृढ़ता का सही तालमेल होता है।”

उनकी टीम ने सफलतापूर्वक इस दौड़ को पूरा किया और इस क्षेत्र में भारत का नाम और ऊंचा किया। श्रीकांत का मानना है कि इस उपलब्धि से युवा तैराकों को प्रेरणा मिलेगी और वे भी खुले पानी की चुनौती स्वीकार करने के लिए प्रेरित होंगे।

वह लगातार ऐसे प्लेटफार्मों पर खुलकर अपने अनुभव साझा करते रहते हैं, जिससे इस कठिन खेल की जागरूकता बढ़े और अधिक लोग इस क्षेत्र में आएं। वर्तमान में श्रीकांत नई तैराकी तकनीकों और साहसिक पानी की गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी सक्रिय हैं।

इस सफलता की खबर से बेंगलुरु के तैराक समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय खेल संगठनों ने भी उनकी सराहना की है और भविष्य में ऐसी प्रतियोगिताओं में और अधिक सहभागिता का आह्वान किया है।

अत: श्रीकांत विश्वनाथन का यह नेतृत्व और टीम की मेहनत भारतीय तैराकी के लिए एक बड़ी उपलब्धि और प्रेरणा है, जो खुले पानी की तैराकी के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।

Source

Related Articles

Back to top button