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घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर ₹29 बढ़े

नई दिल्ली: घरेलू रसोई गैस एलपीजी के दाम में फिर इजाफा हुआ है। सरकारी तेल कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह वृद्धि पिछले दिनों पश्चिम एशिया में उत्पन्न तनाव और वहां के ऊर्जा स्रोतों की आपूर्ति में बाधा के कारण अंतरराष्ट्रीय ईंधन की कीमतों में तेजी से हुई बढ़त का नतीजा है।

इस बढ़ोतरी से पहले मार्च 7 को ही ₹60 प्रति सिलेंडर की कीमत बढ़ाई गई थी। तब से बाजार में कीमतें काफी ऊंची हो गई थीं, और अब इस नए कदम के साथ घरेलू उपयोगकर्ताओं की जेब पर और दबाव बढ़ गया है। घरेलू LPG की बढ़ती कीमतों का असर आम नागरिकों पर खासा पैमाने पर होता है, क्योंकि खाना पकाने के लिए यह एक आवश्यक वस्तु है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को हिला दिया है। इस क्षेत्र से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। भारत को भी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर रहना पड़ता है, इस वजह से यहाँ के उपभोक्ताओं को इसका सीधा असर देखना पड़ रहा है।

सरकारी तेल कंपनियों ने ग्राहकों को सूचित किया है कि घरेलू एलपीजी की कीमतों में यह समायोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डोमेस्टिक सप्लाई और कच्चे तेल की कीमतों को ध्यान में रखकर किया गया है। कंपनियों का कहना है कि वे स्थिति पर निरंतर नजर रख रही हैं और सरकार के निर्देशानुसार उचित कदम उठाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया की स्थिति जल्द सुधरती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में सुधार हो सकता है और घरेलू मूल्य स्थिर रह सकते हैं। वहीं, उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल यह आवश्यकीय वस्तु महंगी होती जा रही है, जिससे घरेलू बजट पर असर पड़ेगा।

इस बीच, सरकार भी वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और साफ ऊर्जा विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहल कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति में निर्भरता कम की जा सके। घरेलू उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे ईंधन की बचत पर ध्यान दें और अपने गैस उपकरणों का सही रखरखाव करें ताकि कीमतों के बढ़ने का प्रभाव कम हो सके।

इस तरह वैश्विक राजनीतिक तनाव और ऊर्जा बाजार की चुनौतियों का सीधा असर आम घरों तक पहुँच रहा है, जो घरेलू एलपीजी की कीमतों की इस हालिया वृद्धि में स्पष्ट देखा जा सकता है।

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